फरीदपुर गोलीकांड के आरोपी सभासद ताजुद्दीन के परिवार में लाइसेंस असलहों का जखीरा, निरस्त होंगे लाइसेंस

संपादक# अंकित सक्सेना# एडवोकेट#



फरीदपुर गोलीकांड के आरोपी ताजुद्दीन और मुकदमे में नामजद उसके भाई असलहे रखने के शौकीन हैं। अवैध असलहों का जिक्र छोड़ भी दें तो लगभग सभी के पास लाइसेंसी असलहे हैं।

बरेली के फरीदपुर के ऊंचा मोहल्ले में गोलीकांड के मुख्य आरोपी ताजुद्दीन के कुनबे में असलहों का जखीरा है। संयुक्त परिवार में छह लाइसेंसी असलहे होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से दबंगों ने अधिकांश को चुनाव के बावजूद जमा नहीं किया था। अब पुलिस की रिपोर्ट पर प्रशासन लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।

गोलीकांड के आरोपी ताजुद्दीन और मुकदमे में नामजद उसके भाई असलहे रखने के शौकीन हैं। अवैध असलहों का जिक्र छोड़ भी दें तो लगभग सभी के पास लाइसेंसी असलहे हैं। मोहल्ले में अपना दबदबा कायम रखने के लिए भी आरोपियों ने असलहों के लाइसेंस बनवाए थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों पर पांच लाइसेंसी असलहे हैं, जिसमें पिस्टल, रिवॉल्वर व बंदूक शामिल हैं। हालांकि, हकीमुद्दीन ने परिवार के पास छह लाइसेंसी हथियार होने की बात स्वीकार की।

आमतौर पर चुनाव में प्रशासन के निर्देश पर पुलिसकर्मी शस्त्र लाइसेंसधारकों को उनके असलहे जमा कराने के लिए टोकते हैं। लोग अपने असलहे थाने या आसपास की शस्त्र की दुकान में जमा कराकर उसका साक्ष्य पुलिस प्रशासन को सौंपते हैं। शस्त्र जमा न करने पर लोगों को कारण समेत लिखित आवेदन देकर सक्षम अधिकारी की अनुमति लेनी पड़ती है। 

ताजद्दीन की पत्नी लड़ रही चुनाव 

ताजुद्दीन की पत्नी चुनाव लड़ रही थीं तो उसके परिजनों के लाइसेंसी असलहे जमा कराना और भी जरूरी था पर ऐसा नहीं किया गया। एफआईआर के मुताबिक लगभग सभी आरोपी लाइसेंसी व अवैध असलहे लिए हुए थे। वारदात के बाद अब पुलिस को कार्रवाई की याद आई है। इंस्पेक्टर दयाशंकर ने बताया कि आरोपियों ने अपने असलहे जमा नहीं किए थे। सभी आरोपियों के असलहों के लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।

जानलेवा हमला और बलवे में 20 के खिलाफ रिपोर्ट

मोहल्ला ऊंचा वार्ड सात में सभासद के चुनाव में वोट मांगने को लेकर मंगलवार रात दो प्रत्याशियों के समर्थक भिड़ गए थे। सभासद प्रत्याशी फरहत नाज के पति ताजुद्दीन और उसके भाइयों ने प्रत्याशी सबली के पति एवं समर्थकों पर गोलियां चला दीं। तीन लोग छर्रे लगने से और बाकी तीन लाठी-डंडों की मारपीट से घायल हो गए थे।


सबली के भतीजे सईद उर्फ राजू ने ताजुद्दीन, हकीमुद्दीन, विकारउद्दीन, जकीउद्दीन, इमामउद्दीन, बिलाल शेख अजहरी, अजहरुद्दीन उर्फ आशु, मोहम्मद उमर, मोहम्मद कमर, अदनान जकी समेत दस अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने जानलेवा हमला एवं बलवा समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। 

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