ज़िला संवाददाता - अनिकेत सिंह
बरेली जिला में जिस कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर को नशे के सौदागर को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी थी वही उसका मुखबिर बन गया था. इंस्पेक्टर उस स्मैक तस्कर को अरेस्ट करने के बजाय उससे वॉट्सऐप कॉल पर बात करते थे. खुद ही उसे एफआईआर की कॉपी भी भेजता था. अब इसकी जानकारी मिलने के बाद इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है. ये चौंकाने वाला मामला यूपी के बरेली का है. यहां के एसएसपी ने पुुलिस इंस्पेक्टर समेत कुल 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है. इसमें ज्यादातर के खिलाफ ऐसे ही पुलिसकर्मियों के साथ सांठगांठ कर उन्हें गिरफ्तारी करने के बजाय फायदा पहुंचाने की तैयारी थी. आखिर क्या है स्मैक तस्कर से जुड़ी खबर. आइए जानते हैं.
ड्रग माफिया का मुखबिर निकला थाना प्रभारी
इन आरोपों में बरेली पुलिस ने लिया एक्शन
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, बरेली में एक पुलिस इंस्पेक्टर समेत सात पुलिसकर्मियों को अपराधी से सांठगांठ करने व कर्तव्य पालन के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं कदाचार समेत अनेक आरोपों में मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यह जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी। बरेली के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि पुलिस और अपराधियों के बीच गठजोड़ का खुलासा होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) घुले सुशील चंद्रभान ने फतेहगंज पश्चिमी के प्रभारी निरीक्षक (इंस्पेक्टर) और आधा दर्जन सिपाहियों को मंगलवार सुबह निलंबित कर दिया ।
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अग्रवाल ने बताया कि एसएसपी ने मनोज कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना फतेहगंज पश्चिमी को एनडीपीएस एक्ट में काफी समय से वांछित अभियुक्त शानू उर्फ सोनू कालिया के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से वार्ता कर उसके संपर्क में रहने और उसकी गिरफ्तारी में विलम्ब होने समेत अपने दायित्वों के विपरीत कार्य कर कर्तव्यपालन के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं कदाचार के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है ।
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अग्रवाल ने बताया कि एक वायरल वीडियो में थाना फरीदपुर के कम्प्यूटर ऑपरेटर हरीश को एक व्यक्ति से रुपये लेते पाए जाने पर एसएसपी द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा एसओजी के मुख्य आरक्षी अनिल कुमार प्रेमी, थाना शेरगढ़ के मुख्य आरक्षी बाबर, सीबीगंज में तैनात आरक्षी दिलदार व मुनव्वर आलम एवं हाफिजगंज में तैनात आरक्षी हर्ष चौधरी को भी सोनू कालिया के संपर्क में रहने और उसकी गिरफतारी में विलंब करने के आरोप में निलंबित किया गया है। अभियुक्त शानू उर्फ सोनू कालिया के खिलाफ मीरगंज, फतेहगंज थानों में 2021 और 2022 में एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज है और उसकी काफी समय से तलाश है।

