मां मुझे क्यों फेंका: बोरे में बंदकर नवजात को मरने के लिए फेंका, रोने की आवाज सुन ग्रामीणों ने बचाई जान

 बदायूं ब्यूरो चीफ - चंदन शर्मा

बदायूं के गांव गौतरा भौनी पट्टी में सोमवार को ऐसा मामला सामने आया, जिसने लोगों को दिल झकझोर दिया। गांव के पास तालाब किनारे नवजात बालक बोरे में बंद मिला। उसकी रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों को इसका पता चला। चाइल्ड लाइन की टीम ने नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया है। वह पूरी तरह स्वस्थ बताया गया है। 

   बोरे में बंद मिला था नवजात - फोटो : हिन्दुस्तान टाइम्स टुडे

बदायूं के उसावां थाना क्षेत्र के गांव गौतरा भौनी पट्टी में सोमवार को एक नवजात बालक बोरे में बंद तालाब किनारे पड़ा मिला। जब लोगों ने उसके रोने की आवाज सुनी तो उसे बोरे से निकाला गया। कुछ लोग कपड़े लेकर आए तो किसी ने दूध लाकर पिलाया। बाद में मौके पर पहुंची चाइल्ड टीम उसे महिला अस्पताल के एसएनसीयू ले गई। डॉक्टरों ने बालक को स्वस्थ बताया है।
सोमवार सुबह गौंतरा भौनी पट्टी गांव के कुछ लोग अपने खेतों की ओर जा रहे थे। तभी उन्होंने गांव के बाहर तालाब किनारे एक बोरे से नवजात बालक की रोने की आवाज सुनी। गांव के लोग बोरे से बालक की रोने की आवाज सुनकर हैरान रह गए। इस पर उन्होंने गांव के और लोगों को बुला लिया। मौके पर भीड़ जमा हो गई। 

पूरी तरह स्वस्थ है नवजात 
सूचना पर उसावां एसओ रामेंद्र सिंह पहुंच गए। वह बालक को म्याऊं स्वास्थ्य केंद्र ले गए। इसकी सूचना पर चाइल्ड लाइन टीम स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गई। चाइल्ड लाइन टीम ने ही बालक को महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया। एसएनसीयू प्रभारी डॉ. संदीप वार्ष्णेय ने बताया कि बालक की हालत ठीक है, वह दूध पी रहा है और डॉक्टरों की निगरानी में है। 

उधर, गांव के लोगों ने बताया कि किसी ने नवजात को मरने के लिए फेंका होगा। सुबह उसके रोने की आवाज सुनकर लोगों को पता चल गया, जिससे उसकी जान बच सकी। पुलिस अब पता लगाने में जुटी है कि नवजात को किसने फेंका है।

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