सहसंपादक - आसिफ अंसारी
पीलीभीत में शनिवार को ताजियेदार और कांवड़िये आमने-सामने आ गए। इसके बाद पांच घंटे तक बवाल हुआ। पथराव में सीओ समेत कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बरेली से फोर्स बुलानी पड़ी।
मजिस्ट्रेट की गाड़ी में तोड़फोड़ - फोटो : हिन्दुस्तान टाइम्स टुडे
पीलीभीत में खमरिया पुल के पास बरेली हाईवे शनिवार को करीब पांच घंटे तक बवालियों के कब्जे में रहा। रुक-रुक कर पथराव होता रहा तो पुलिस भी लाठियां भांजती रही। पांच घंटे बाद रात करीब सवा नौ बजे पुलिस ने हंगामा करने वालों को लाठियां बरसाकर खदेड़ा। इसके बाद वहां से ताजिये निकलवाए। तब जाकर हाईवे पर आवागमन शुरू हो सका। रात में कमिश्नर सौम्या अग्रवाल और आईजी राकेश सिंह भी मौके पर पहुंच गए। बरेली से भी पुलिस फोर्स बुला लिया गया।
इस कारण शुरू हुआ विवाद
मुहर्रम के जुलूस के दौरान मातम के लिए डीजे बंद करने को कहने पर खमरिया पुल के पास कांवड़िये और ताजियेदार आमने-सामने आ गए थे। बवाल शाम चार बजे से शुरू हुआ, जो शाम ढलते-ढलते और बढ़ गया। एसपी अतुल शर्मा ने कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी बुला ली। प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए। कई चरणों में दोनों पक्षों से बात हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकल पा रहा था। जैसे-जैसे समय बढ़ रहा था दोनों पक्षों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा था।
यही कारण रहा कि दूसरी बार शाम करीब साढ़े सात बजे जमकर पथराव हुआ। सड़क पर पड़े रेलवे लाइन के पत्थर इसकी गवाही दे रहे थे। बात न बनते देख करीब सवा नौ बजे अधिकारियों ने सख्त रवैया अपनाया। हंगामा कर रहे लोगों को लाठियां फटकार कर खदेड़ा गया। रास्ता साफ होने के बाद ताजिये निकलवाए गए। इसके बाद जाम खुलवाया गया।
आला अफसर मौके पर पहुंचे
इधर, रात में बरेली से कमिश्नर सौम्या अग्रवाल और आईजी डॉ. राकेश सिंह भी पहुंच गए। एसपी ने उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। बॉडी प्रोटेक्टर पहनकर खुद एसपी अतुल शर्मा भी काफी देर तक हंगामा कर रहे लोगों से मुचैटा लेते रहे। एसपी को देख अन्य पुलिसकर्मी भी पथराव के बावजूद मजबूती से डटे रहे।
मौके पर पहुंचे आला अफसर - फोटो : हिन्दुस्तान टाइम्स टुडे
रोडवेज बस और सरकारी वाहनों के टूटे शीशे
देर शाम जब प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और कांवड़ियों से बातचीत की तो माहौल और गर्म हो गया। कुछ ही देर में पथराव शुरू हो गया। जबरदस्त पथराव से रोडवेज बस के शीशे टूट गए। एसडीएम, तहसीलदार, एलआईयू इंस्पेक्टर आदि की गाड़ियों के शीशे भी चकनाचूर हो गए। भगदड़ मच गई। जैसे तैसे पुलिस ने लाठियां फटकार कर लोगों को खदेड़ा। बताया जा रहा है कि हरिद्वार की तरफ से एक बस आ रही थी। उस पर भी पथराव कर दिया गया। इससे उसमें बैठे कुछ यात्री घायल हो गए। बस के शीशे भी टूट गए।
रेलवे लाइन किनारे पड़े पत्थर उठाकर फेंके
मंदिर के पीछे से ही रेलवे लाइन जा रही है। कांवड़िये यहां पास में ही रुके थे। इधर, हाईवे पर जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने शाम को जब लाठियां फटकारीं तो लोग ताजिये छोड़कर रेलवे लाइन किनारे भाग गए। शाम को दूसरी बार हुए पथराव में रेलवे लाइन के पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। रेलवे लाइन के पत्थर चलने से वहां अफरा-तफरी मच गई। पत्थरों की कमी न होने से पुलिस भी तितर बितर हो गई।
सीओ समेत कई घायल
पथराव के दौरान पुलिसकर्मी व पीएसी के जवान मोर्चा लेते रहे। पथराव में उनके भी पत्थर लगे। पथराव में सीओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। किसी के पत्थर लगा तो किसी के डंडा। देर रात तक स्थिति नियंत्रण में नहीं आ सकी थी।
जहानाबाद पुलिस नहीं भांप सकी माहौल
इस मामले में जहानाबाद पुलिस का नेटवर्क फेल हो गया। बताया जा रहा है खमरिया पुल के पास तीन-चार दिन पहले मुस्लिम पक्ष लंगर कर रहा था। तब भी दूसरे पक्ष ने आपत्ति करते हुए विवाद किया था। मामला थाने पहुंचा लेकिन पुलिस ने हल्के में लिया। इसका खामियाजा आज भुगतना पड़ा।