बरेली में क्रॉकरी शोरूम पर जीएसटी का छापा, टीम ने खंगाले बिल और दस्तावेज

 बरेली में बुधवार रात जीएसटी की टीम प्रेमनगर स्थित गाला एजेंसीज के क्रॉकरी शोरूम पर पहुंची। देर रात तक जांच का दौर जारी रहा। प्रकरण की सूचना पर व्यापारियों में खलबली मची रही।

ब्यूरो चीफ-आमोद जॉन

बरेली में जीएसटी सर्वे के विरोध में एक ओर व्यापारी संगठन बैठकें हो रही हैं, दूसरी ओर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) की स्पेशल इंवेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) ने छापा कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को टीम प्रेमनगर स्थित गाला एजेंसीज के क्रॉकरी शोरूम पर पहुंची। देर रात तक जांच का दौर जारी रहा। प्रकरण की सूचना पर व्यापारियों में खलबली मची रही।

शाम पांच बजे शोरूम पर पहुंची टीम ने परिसर में मौजूद लोगों को बाहर निकलवाकर गेट बंद कराते हुए परिसर को कब्जे में ले लिया। हंगामा, प्रदर्शन की संभावना के चलते बाहर पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। जानकारी के मुताबिक टीम ने खरीद-फरोख्त से जुड़े बिल और दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया। 

रात आठ बजे छापा की सूचना पर व्यापारी सुरक्षा फोरम के महानगर अध्यक्ष रामकृष्ण शुक्ला पदाधिकारियों के साथ पहुंचे। उन्होंने दिन में सौंपे गए ज्ञापन के तहत अधिकारियों के आश्वासन का जिक्र किया। करीब आधा घंटे तक चली बहस के बावजूद छापा कार्रवाई जारी रही।

व्यापारियों ने गिराए दुकानों के शटर 

आखिर में टीम ने कुछ देर और जांच करने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया। इधर, छापा कार्रवाई की सूचना पर व्यापारियों में खलबली मच गई। दुकानों के शटर गिरने लगे। अधिकारियों ने कार्रवाई जारी रहने तक जानकारी देने से इन्कार कर दिया। हालांकि, जरूरत के अनुसार बृहस्पतिवार को भी गाला एजेंसीज के अन्य प्रतिष्ठानों से संबंधित जांच की बात कही है।

छह टीमों ने एक साथ शुरू की जांच

बताते हैं कि कर चोरी की आशंका में जीएसटी की एसआईबी ने छह टीमों के साथ छापा कार्रवाई शुरू की। कंप्यूटर आदि का डाटा खंगाला। तिमंजिला गोदाम के बारे में भी पूछताछ की और उससे जुड़े दस्तावेज भी खंगाले। टीम हार्ड डिस्क, सीपीयू और अन्य लेखा-जोखा साथ लेकर देर रात रवाना हुई।

नियमानुसार व्यापार कर रहे लोग न घबराएं : वीडी शुक्ला

जीएसटी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 वीडी शुक्ला का कहना है कि कर चोरी को लेकर छापा कार्रवाई जारी रहेगी। जो व्यापारी नियमानुसार कारोबार कर रहे हैं, उन्हें बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। खुफिया टीमों द्वारा प्राप्त संदिग्ध सूची के आधार पर छापा कार्रवाई की गई है। वहीं, कुछ व्यापारियों ने शुरुआत में जीएसटी पंजीकरण के दौरान फर्जी दस्तावेज भी लगाए हैं। उनके वैध दस्तावेज का सत्यापन अलग टीम करेगी।

गाला एजेंसी मालिक

गाला एजेंसीज के सुनील मनचंदा ने बताया कि जीएसटी टीम को जो देखना था, उन्होंने उसे देख लिया है। बाकी उन्हें जो अकाउंट आदि का सत्यापन करना होगा, वे करते रहेंगे। उन्होंने अपना फर्ज निभाया। 

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