महिला दरोगा और उनके प्रेमी ने एसडीएम कोर्ट में शादी को लेकर अर्जी दी है। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग की चर्चाएं हो रही हैं। महिला दरोगा के परिजन इस शादी के विरोध में हैं। उनका आरोप है कि महिला दरोगा का ब्रेनवॉश किया गया।
बरेली के एक थाने में तैनात महिला दरोगा दूसरे समुदाय के लकड़ी कारोबारी के साथ प्रेम विवाह करने जा रही हैं। इसके लिए दोनों ने एसडीएम सदर के यहां आवेदन किया है। एसडीएम के यहां से आपत्ति को लेकर संबंधित विभागों व दोनों पक्षों के लिए नोटिस भेजा गया है। वहीं घरवालों ने दरोगा के फैसले का विरोध कर रहे हैं। भाई ने आरोप लगाया है कि बहन का ब्रेनवॉश किया गया है।मेरठ जिले के किला परीक्षितगढ़ निवासी महिला दरोगा फिलहाल इज्जतनगर के कर्मचारी नगर में रहती हैं। बहेड़ी निवासी लकड़ी कारोबारी बांसमंडी में रहते हैं। दोनों के बीच काफी समय से प्रेमप्रसंग चल रहा था। महिला दरोगा और लकड़ी कारोबारी अलग-अलग समुदाय से हैं।
पिछले महीने किया था आवेदन
दोनों ने शादी के लिए पिछले महीने एसडीएम सदर के यहां आवेदन किया तो चर्चा होने लगी। दोनों के धर्म अलग होने के कारण सोशल मीडिया पर दोनों की शादी के बारे में बहस छिड़ गई है। कोई इसे अच्छी पहल तो कोई खराब बता रहा है। बताया जा रहा है कि प्रेमी जोड़ा सिर्फ कोर्ट मैरिज करेगा, ताकि दोनों अपने मौजूदा धर्म को ही मानते रहें। वह किसी धर्म की विवाह पद्धति से शादी नही करेंगे।
दरोगा के भाई ने एडीजी से लगाई गुहार
मेरठ से आए महिला दरोगा के परिजनों ने एडीजी दफ्तर में पत्र देकर शादी का विरोध जताया। भाई की ओर से दिए पत्र में कहा गया कि बहन की कुछ समय पहले तक बहेड़ी थाने में तैनाती थी। तब अधेड़ उम्र का एक ड्राइवर उसे थाने से आवास तक लाने और छोड़ने जाता था। इस दौरान वह उसे अपने समुदाय के धर्मस्थलों पर ले गया और उसका ब्रेनबॉश कर दिया।
उन्होंने कहा कि अब उसी शख्स ने उनकी बहन को फुसलाकर शादी के लिए राजी कर लिया है। उसके कुछ फोटो व वीडियो रख लिए हैं, जिससे उनकी बहन आरोपी के दबाव में है। इन लोगों ने एडीजी से मांग की कि उनकी बहन का ट्रांसफर बिजनौर या शामली जिले में कर दिया जाए ताकि वह उस शख्स के चंगुल से दूर हो जाए।